राष्ट्रपति के आगमन को लेकर अयोध्या में तैयारियां जोरों पर, संघ की परंपरा से नववर्ष दिवस की शुरुआत होगी

शहर और राज्य, NewsAbhiAbhiUpdated 18.03.26 IST
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर अयोध्या में तैयारियां जोरों पर, संघ की परंपरा से नववर्ष दिवस की शुरुआत होगी

 राष्ट्रपति के आगमन को लेकर अयोध्या में तैयारियां जोरों पर, संघ की परंपरा से नववर्ष दिवस की शुरुआत होगी

 
अयोध्या। अयोध्या में वर्ष प्रतिपदा के अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की प्रस्तावित उपस्थिति वाले इस आयोजन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परंपराओं के साथ दिन की शुरुआत होगी, जबकि श्रद्धालुओं और आमंत्रित अतिथियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। वर्ष प्रतिपदा के पावन अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति की प्रस्तावित उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बुधवार को कारसेवक पुरम स्थित भरतकुटी में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कार्यक्रम के दिन सुबह आमंत्रित अतिथियों के आवास स्थलों के आसपास स्वयंसेवकों का एकत्रीकरण होगा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की परंपरा के अनुसार शाखा लगेगी, ध्वज प्रणाम किया जाएगा और इसके साथ ही ‘आद्य सरसंघचालक प्रणाम’ से दिन की शुरुआत होगी। उन्होंने बताया कि आमंत्रित अतिथियों के लिए आठ अलग-अलग स्थानों पर भोजनालय की व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर में प्रवेश के लिए मुख्य रूप से दो द्वार निर्धारित किए गए हैं—बिड़ला धर्मशाला के सामने स्थित प्रवेश द्वार और रंग महल बैरियर। सभी आमंत्रितजनों को सुबह 10 बजे तक प्रवेश अनिवार्य रूप से करना होगा। चंपत राय ने बताया कि कार्यक्रम के समापन के बाद, लगभग पौने दो बजे के बाद सभी आमंत्रित अतिथियों को दर्शन कराए जाएंगे। इस विशेष दिन के लिए अलग से कोई विशेष दर्शन पास जारी नहीं किया गया है, हालांकि सामान्य श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था पूर्ववत जारी रहेगी। साथ ही, नवरात्रि से दर्शन का समय भी बढ़ाया जाएगा। आवासीय व्यवस्थाओं पर जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के अतिथियों को मंदिर के पूर्व दिशा में ठहराया गया है, जबकि उत्तराखंड, मेरठ और ब्रज प्रांत से आने वाले अतिथियों के लिए रामघाट और दोराही कुआं क्षेत्र में व्यवस्था की गई है। बसों से आने वाले निर्माण सहयोगियों के लिए चूड़ामणि चौराहे और तीर्थ क्षेत्र पुरम में ठहरने की सुविधा दी गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी अपने 1,100 से अधिक भक्तों के साथ अयोध्या पहुंच चुकी हैं। मंदिर आंदोलन और निधि समर्पण अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं को भी बड़ी संख्या में आमंत्रित किया गया है, हालांकि स्थान की सीमाओं के कारण सभी को आमंत्रित नहीं किया जा सका। चंपत राय ने बताया कि आमंत्रित अतिथियों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रवेश से पहले अपने आवास पर ही भोजन या जलपान कर लें। कार्यक्रम स्थल पर अल्पाहार की भी व्यवस्था रहेगी और व्रत रखने वालों के लिए विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अतिथि चाहें तो कार्यक्रम के बाद उसी दिन वापस जा सकते हैं या अगले दिन प्रस्थान कर सकते हैं।

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