मिनर्वा अकादमी एफसी ने एआईएफएफ जूनियर लीग में शानदार प्रदर्शन के साथ ग्रुप चैंपियन का खिताब जीता
चंडीगढ़। मिनर्वा अकादमी एफसी ने एक बार फिर भारतीय युवा फुटबॉल में अपनी ताकत साबित करते हुए एआईएफएफ जूनियर लीग के ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन के साथ ग्रुप चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। टीम ने नौ मैचों में आठ जीत और एक ड्रॉ के साथ अपना दबदबा कायम रखा। ‘वारियर्स’ ने 27 में से 25 अंक हासिल किए और पूरे अभियान में जबरदस्त निरंतरता दिखाई। टीम की आक्रामकता और मजबूत डिफेंस का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने कुल 60 गोल किए, जबकि सिर्फ 4 गोल ही खाए और छह क्लीन शीट भी दर्ज कीं। यह उपलब्धि मिनर्वामी की पहले से ही शानदार युवा फुटबॉल विरासत में एक और उपलब्धि जोड़ती है। अकादमी इससे पहले अंडर-16 राष्ट्रीय खिताब चार बार जीत चुकी है और पांच बार फाइनल में पहुंच चुकी है, जो भारतीय फुटबॉल में उनकी निरंतर उत्कृष्टता को दर्शाता है। मिनर्वा ने अपने अभियान की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में करते हुए शेरगिल सॉकर अकादमी को 16–0 से हराया। इसके बाद टीम ने नामधारी स्पोर्ट्स अकादमी को 7–1 से और वाईएफसी खड को 6–0 से हराकर अपना दबदबा जारी रखा। ग्रुप स्टेज का एक अहम मुकाबला पंजाब एफसी के खिलाफ रहा, जहां मिनर्वा ने 3–2 की रोमांचक जीत दर्ज की और मजबूत विपक्ष के खिलाफ दबाव में शानदार प्रदर्शन किया। टूर्नामेंट के अंतिम चरण में भी टीम का प्रदर्शन जारी रहा। मिनर्वा ने छह दिनों के भीतर लगातार तीन मैच जीतते हुए वाईएफसी खड, नामधारी स्पोर्ट्स अकादमी और शेरगिल सॉकर अकादमी के खिलाफ डबल दर्ज किया। साथ ही पंजाब एफसी को दोबारा हराकर ग्रुप में शीर्ष स्थान पक्का किया। टीम के कई खिलाड़ी इस अभियान में उभरकर सामने आए। लैशराम महेश सिंह 13 गोल के साथ ग्रुप स्टेज के टॉप स्कोरर रहे। उन्हें लुंजालैथांग हाओकिप और कोंथौजम चेतन सिंह का अच्छा साथ मिला, जिन्होंने आठ-आठ गोल कर टीम की आक्रमण शक्ति को और मजबूत किया। मिनर्वा की सफलता का मुख्य कारण उनका संतुलित खेल रहा, जिसमें सटीक फिनिशिंग और मजबूत डिफेंस का बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। टीम की संगठित रणनीति, लगातार प्रेशर और मौके को भुनाने की क्षमता ने पूरे टूर्नामेंट में विरोधियों को दबाव में रखा। ग्रुप स्टेज के बाद अब मिनर्वा अकादमी एफसी की नजरें एआईएफएफ जूनियर लीग के फाइनल राउंड पर हैं, जो 20 अप्रैल से गोवा में शुरू होगा। वारियर्स इस निर्णायक चरण में पूरे आत्मविश्वास और शानदार फॉर्म के साथ उतरेंगे और अपने बेहतरीन प्रदर्शन को जारी रखते हुए एक और राष्ट्रीय खिताब जीतने की कोशिश करेंगे।